Opioid addiction in Hindi

 Opioid Addiction in Hindi

ओपियोड लत (Opioids addiction) क्या है?

पियोड लत (Opioids addiction) तब होता है जब कोई व्यक्ति ओपियोड (Opioids) के प्रलोभन (temptation) से खुद को रोकने में सक्षम नहीं होता है। ओपियोड (Opioids) दवाएं दर्द निवारक के रूप में उपयोग की जाती हैं। इन दवाओं में अफीम, हेरोइन, मॉर्फिन (opium, heroin, morphine) इत्यादि शामिल हैं। भारत में, ओपियोड लत (Opioids addiction) में सालाना 1 मिलियन से अधिक मामलों (cases) की सूचना दी जाती है जो तेजी से बढ़ रही है। आयु वर्ग से सबसे ज्यादा प्रभावित लोग 19-60 से हैं।

ये दवाएं कृत्रिम एंडोर्फिन (artificial endorphins) उत्पन्न करती हैं जो दर्द को कम करने में मदद करती है और शरीर को अच्छा महसूस करती है। बहुत सारे ओपियोड (Opioids) इन कृत्रिम एंडोर्फिन (artificial endorphins) पर मस्तिष्क (brain) की निर्भरता का कारण बन सकते हैं जिससे व्यक्ति इसमें आदी हो जाता है।


Opioids Addiction के लक्षण (symptoms) क्या हैं? 

व्यवहारिक लक्षण (Behavioral Symptoms)- व्यक्ति अपनी जिम्मेदारियों, परिवारों, दोस्तों, रिश्तेदारों और काम (responsibilities, families, friends, relatives and work) से दूर चला जाता है। वह अपने अधिकांश समय को ओपियोड (opioid) के साथ बिताता है- उनसे लड़ रहा है, उन्हें गले लगा रहा है और उनके लिए लालसा (craving) कर रहा है। द्विध्रुवीय, स्किज़ोफ्रेनिया, स्लेरड भाषण, (Bipolar, Schizophrenia, slurred speech) किसी भी चीज़ के लिए प्रेरणा का नुकसान व्यक्ति को हड़ताल (strike) कर सकता है।

मनोवैज्ञानिक लक्षण (Psychological Symptoms): चिंता, तनाव, यूफोरिया, मूड स्विंग्स, चेतना में कमी, मेमोरी लॉस, आत्मघाती विचार (Anxiety, Stress, Euphoria, Mood Swings, Consciousness depletion, Memory Loss, Suicidal ideas ) कुछ व्यक्तियों के मनोवैज्ञानिक लक्षण (psychological symptoms) हैं।

शारीरिक लक्षण (Physiological Symptoms): कमजोरी, sedation, कम रक्तचाप, धीमी गति से दिल की दर, शरीर के अंगों की नींद (Weakness, sedation, low blood pressure, slow heart rate, numbness of body parts), नींद की आदतों में परिवर्तन आदि व्यक्ति में देखा जा सकता है

Opioids addiction के कारण।

ड्रग यूज एंड हेल्थ (Drug Use and Health) पर राष्ट्रीय सर्वेक्षण (National Survey) के अनुसार, 75% ओपियोड व्यसन (Opioids addiction) उन लोगों के साथ शुरू होता है जो दवाओं का उपयोग नहीं करते हैं और उन्हें मित्रों, परिवार, रिश्तेदारों (friends, family, relatives) और उन लोगों द्वारा संदर्भित (prescribed) किया जाता है जिनके पास दवा के बारे में पर्याप्त (enough) ज्ञान नहीं है। इसके अलावा, कुछ कारक (factors) जो इस लत का कारण बनते हैं:

  • आनुवंशिकी (Genetics): यदि किसी व्यक्ति की पुरानी पीढ़ी (generation) पीड़ित होती है या व्यसन (addiction) से पीड़ित होती है, तो यह अधिक संभावना है कि यह व्यक्ति ओपियोइड व्यसन (opioid addiction) से पीड़ित होगा। पुराने और आदी पीढ़ी (addicted generation) के व्यक्ति में जीन (genes) जाने का कारण है।
  • पर्यावरण (Environment): यदि कोई व्यक्ति ऐसे माहौल में रहता है जहां किसी भी उद्देश्य (purpose) के कारण दवा का उपयोग आम है, तो व्यक्ति नशे की लत के लिए अधिक संवेदनशील (susceptible) है।
  • तनाव और सहकर्मी दबाव (Stress and Peer Pressure): व्यक्ति को इन दुखों से छुटकारा पाने के तरीके के रूप में ओपियोइड (opioid) का उपयोग करने के लिए एक लालसा (craving) को ट्रिगर (trigger) कर सकते हैं।
  • खुशी (pleasure): ओपियोड (Opioids) एक व्यक्ति में अत्यधिक खुशी (extreme happiness) की भावना पैदा करते हैं। खुशी इतनी बड़ी है कि व्यक्ति इसे बार-बार महसूस करना चाहता है। कारणों में से एक कारण वह अपने दैनिक जीवन (daily life) में होने वाली कठिनाइयों (difficulties) से बचने के लिए हो सकती है। इससे ओपियोड (opioid) के लिए उसका प्यार बढ़ जाता है और जिसे हम एक लत (addiction) कहते हैं।

Opioids Addiction के निकासी के लक्षण।

  • दस्त (diarrhea)
  • हाथों और पैरों का कांपना (Trembling)
  • अनिद्रा (Insomnia)
  • उल्टी या मतली (Vomiting or Nausea)
  • मनोदशा की समस्याएं (Psychological problems) जैसे मूड स्विंग्स, और अवसाद (mood swings, and depression)
  • पसीना आना (Sweating)

opioid addiction से बचने के लिए रोकथाम।

निम्नलिखित विधियों से बढ़ती ओपियोड व्यसन (opioid addiction) को रोका जा सकता है:

  • पुस्तकों और सोशल मीडिया के माध्यम से ओपियोड (opioid) लेने के पेशेवरों और विपक्ष (pros and cons) दोनों के बारे में लोगों को शिक्षित करना।
  • दवाइयों पर रोगियों की फोटो पहचान की जांच करते हुए वे पर्चे (prescription) के माध्यम से ओपियोड (opioids) खरीदने के लिए आए हैं।
  • देश में ओपियोड राशि (opioid amount) का ट्रैक (track) रखना और केवल कुछ दवाइयों को लाइसेंस बेचने का मुद्दा (issue) रखना। पर्चे निगरानी कार्यक्रम (Prescription monitoring programs) इसमें मदद कर सकते हैं।
  • व्यक्तिगत स्तर पर (individual level)- आत्म निगरानी (self monitoring) बहुत मददगार हो सकती है। इसमें शामिल हैं- उपचार के लिए गोलियों के आधार पर, नियमित रूप से ली गई दवाओं पर जांच रखना आदि।

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