Makar Sankranti – Makar Sankranti 2021

मकर संक्रान्ति हिन्दुओं का प्रमुख पर्व है। मकर संक्रान्ति पूरे भारत और नेपाल में किसी न किसी रूप में मनाया जाता है। पौष मास में जब सूर्य मकर राशि पर आता है तभी इस पर्व को मनाया जाता है। वर्तमान शताब्दी में यह त्योहार जनवरी माह के चौदहवें या पन्द्रहवें दिन ही पड़ता है , इस दिन सूर्य धनु राशि को छोड़ मकर राशि में प्रवेश करता है।

Makar Sankranti is the main festival of Hindus. Makar Sankranti is celebrated in one form or the other throughout India and Nepal. This festival is celebrated only when the sun comes on Capricorn during Paush month.

In the current century, this festival falls on the fourteenth or fifteenth day of the month of January, on this day, the Sun enters the Capricorn sign except Sagittarius.

तमिलनाडु में इसे पोंगल नामक उत्सव के रूप में मनाते हैं जबकि कर्नाटक, केरल तथा आंध्र प्रदेश में इसे केवल संक्रांति ही कहते हैं। मकर संक्रान्ति पर्व को कहीं-कहीं उत्तरायणी भी कहते हैं, यह भ्रान्ति है कि उत्तरायण भी इसी दिन होता है। किन्तु मकर संक्रान्ति उत्तरायण से भिन्न है।

Thursday
14 January
Makar Sankranti 2021 in India

यह भारतवर्ष तथा नेपाल के सभी प्रान्तों में अलग-अलग नाम व भांति-भांति के रीति-रिवाजों द्वारा भक्ति एवं उत्साह के साथ धूमधाम से मनाया जाता है।

Happy Makar Sankranti 2021 Wishes

मकर संक्रांति की शुभकामनाएँ! कामना करते हैं कि मकर संक्रांति का उगता हुआ सूरज आपके जीवन को उज्ज्वल और सुखद क्षणों से भर दे। मकर संक्रांति के शुभ अवसर पर सूर्य की रोशनी आपके जीवन को खुशियों की किरणों से भर दे! मकर संक्रांति और हमेशा पर सूर्य आपके जीवन में शांति, समृद्धि और खुशियों का संचार करें।

Happy Makar Sankranti 2021 Wishes India

Happy Makar SankrantiMakar Sankranti Wishes in Hindi-मकर संक्रांति की शुभकामनाएं

  • तन में मस्ती, मन में उमंग, चलो आकाश में डाले रंग, हो जाये सब संग संग, …
  • काट ना सके कभी कोई पतंग आपकी, टूटे ना कभी डोर विश्वास की, …
  • आप को मकर संक्रांति की हार्दिक शुभकामनाएं.. “यादें अक्सर होती है सताने के लिए, …

Happy Makar Sankranti wishesHappy Makar Sankranti Wishes in Hindi-मकर संक्रांति की शुभकामनाएं

मीठी बोली, मीठी जुबान,
मकर संक्रांति पर यही है पैगाम!
मकर संक्रांति की हार्दिक शुभकामनाएं..

Makar Sankranti 2021: इस तारीख की है मकर संक्रांति, बन रहा है शुभ संयोग

14 जनवरी को मकर संक्रांति का पर्व मनाया जाएगा। इस दिन सूर्य धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश करते हैं। इसे ही मकर संक्रांति कहा जाता है। इस दिन सूर्यदेव की पूजा का विधान है। पौष मास में मनाएं जाने वाले इस पर्व में माघ मास का भी शुभारंभ हो जाता है।

इस बार मकर संक्रांति का पुण्य काल आठ घंटे का रहेगा। सुबह 8.30 बजे से शाम 5.46 तक मकर संक्रांति का पुण्य काल रहेगा। इस काल में किया गया स्नान और दान कई गुणा फल देता है।

मकर संक्रांति पर ग्रहों का बहुत ही सुखकारी संयोग बन रहा है। चंद्रमा, शनि, बुध और गुरु ग्रह भी मकर राशि में संचरण करेंगे, यही वजह है कि मकर संक्रांति तिथि बहुत ही शुभफलदायी होगी।

Makar Sankranti 2021 तारीख

मकर संक्रांति की तारीख हर साल एक ही दिन मनाई जाती है। इस साल 14 जनवरी को ही मकर संक्रांति मनाई जा रही है।

Makar Sankranti पुण्य काल

इस बार मकर संक्रांति का पुण्य काल भी  8:30 बजे सुबह से शाम 5:46 बजे तक रहेगा।

मकर संक्रांति के दिन गरीबों और जरूरतमंदों को दान देना बेहद पुण्यकारी माना जाता है। इस दिन खिचड़ी का दान देना विशेष फलदायी माना गया है। इस दिन से सभी शुभ कार्यों पर लगा प्रतिबंध भी समाप्त हो जाता है।

बता दें, उत्तर प्रदेश में इस पर्व पर खिचड़ी सेवन और खिचड़ी दान का अत्यधिक महत्व बताया जाता है।

मकर संक्रांति 2021 तिथि, शुभ मुहूर्त  – Makar Sankranti Tithi

मकर संक्रांति 2021 तिथि (Makar Sankranti 2021 Date)14 जनवरी, 2021 (गुरुवार)
पुण्य काल मुहूर्त:08:03:07 से 12:30:00 तक
अवधि:4 घंटे 26 मिनट
महापुण्य काल मुहूर्त:08:03:07 से 08:27:07 तक
अवधि:0 घंटे 24 मिनट
संक्रांति पल:

मकर संक्रांति का भारतीय धार्मिक परम्परा में विशेष महत्व है, क्योंकि इस दिन सूर्य धनु राशि को छोड़ कर मकर राशि में प्रवेश कर उत्तरायण में आता है। शास्त्रों के अनुसार यह सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक है और इसीलिए इस दिन जप, तप, दान, स्नान का विशेष महत्व है।

मकर संक्रांति परंपरागत रूप से 14 जनवरी या 15 जनवरी को मनाई जाती आ रही है। मकर संक्रांति में ‘मकर’ शब्द मकर राशि को इंगित करता है जबकि ‘संक्रांति’ का अर्थ संक्रमण अर्थात प्रवेश करना है। मकर संक्रांति के दिन सूर्य धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश करता है। एक राशि को छोड़कर दूसरे में प्रवेश करने की इस विस्थापन क्रिया को संक्रांति कहते हैं। शास्त्रों के नियम के अनुसार रात में संक्रांति होने पर अगले दिन भी संक्रांति मनाई जाती है।

मकर संक्रांति के दिन सूर्य दक्षिणायन से अपनी दिशा बदलकर उत्तरायण हो जाता है अर्थात सूर्य उत्तर दिशा की ओर बढ़ने लगता है, जिससे दिन की लंबाई बढ़नी और रात की लंबाई छोटी होनी शुरू हो जाती है। भारत में इस दिन से बसंत ऋतु की शुरुआत मानी जाती है। अत: मकर संक्रांति को उत्तरायण के नाम से भी जाना जाता है।

तमिलनाडु में इसे पोंगल नामक उत्सव के रूप में मनाते हैं जबकि कर्नाटक, केरल तथा आंध्र प्रदेश में इसे केवल संक्रांति ही कहते हैं। मकर संक्रांति के पावन पर्व पर गुड़ और तिल लगाकर नर्मदा में स्नान करना लाभदायी होता है।

इसके बाद दान संक्रांति में गुड़, तेल, कंबल, फल, छाता आदि दान करने से लाभ मिलता है और पुण्यफल की प्राप्ति होती है। इसके साथ ही मकर संक्रांति का यह त्योहार भारत भर में पतंगबाजी के लिए भी काफी प्रसिद्ध है।

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