दुआए शायरी

 दुआ शायरी

दुआ तुम्हारे लिए

भूल न जाऊं माँगना उसे हर नमाज़ के बाद,
यही सोच कर हमने नाम उसका दुआ रखा है। 
तेरी दुआ से कज़ा तो बदल नहीं सकती,
मगर है इस से यह मुमकिन कि तू बदल जाये,
तेरी दुआ है कि हो तेरी आरज़ू पूरी,
मेरी दुआ है तेरी आरज़ू बदल जाये।  
तुम्हारे प्यार की दास्तां हमने अपने दिल में लिखी है,
न थोड़ी न बहुत बे-हिसाब लिखी है,
किया करो कभी हमे भी अपनी दुआओं में शामिल,
हमने अपनी हर एक सांस तुम्हारे नाम लिखी है। 
पलभर की भी तन्हाई तुम्हें नसीब ना हो,
कोई भी गम तुम्हारे करीब ना हो,
रब तुम्हारी ज़िन्दगी में इतनी खुशियाँ दे,
कि तुमसे बढ़कर कोई खुशनसीब ना हो.. 
लौट आती है हर बार मेरी दुआ खाली,
जाने कितनी ऊँचाई पर खुदा रहता है। 
जब कभी दिल दुआ देगा,
तो नफरत को मिटा देगा,
ये बेचारा इंसान क्या देगा,
जो भी देगा खुदा देगा। 
न जाने किसने पढ़ी है मेरे हक़ में दुआ,
आज तबियत में जरा आराम सा है|
कामयाबी के हर शिखर पर तुम्हारा नाम होगा,
तुम्हारे हर कदम पर दुनिया का सलाम होगा,
हिम्मत से मुश्किलों का सामना करना दोस्त,
दुआ है कि वक़्त एक दिन तुम्हारा गुलाम होगा। 
ज़िंदगी में न कोई राह आसान चाहिए,
न कोई अपनी ख़ास पहचान चाहिए,
बस एक ही दुआ माँगते हैं रोज भगवान से,
आपके चेहरे पे प्यारी सी मुस्कान चाहिए। 
तेरे इख्तियार में क्या नहीं,
मुझे इस तरह नवाज़ दे,
यूं दुआएं मेरी कुबूल हों,
कि मेरे लब पे कोई दुआ न हो। 
जहां में तेरी यादों के सिवा कुछ भी नहीं,
दिल में गुजरी बातों के सिवा कुछ भी नहीं,
तू जहाँ भी रहे सदा खुश रहे,
मेरे लबों पर दुआओं के सिवा कुछ भी नहीं। 
हजारों ऐब हैं मुझमें नहीं कोई हुनर बेशक,
तू मेरी हर कमी को खूबी में तब्दील कर देना,
एक खारे समंदर सी हस्ती है मेरी मौला,
तू अपनी रहमतों से इसे मीठी झील कर देना। 
जब भी तन्हाई में आपकी याद आती है,
तब मेरे होंठों पर बस एक ही फ़रियाद आती है,
खुदा आपको जिंदगी में हर ख़ुशी दे दे,
क्योंकि हमारी ख़ुशी आपके बाद आती है।
 

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